बिलासपुर। निजी स्कूलों को हाई कोर्ट की डबल बेंच ने आदेश दिया है कि बच्चों को ऑनलाइन क्लास से किसी भी स्थिति में वंचित ना किया जाए।
ट्यूशन फीस के नाम पर पूरी फीस वसूलने की जानकारी देते हुए पालको ने डिवीजन बेंच में रीत अपील दायर की है। कोर्ट ने शासन को नोटिस जारी कर यह बताने को भी कहा है की पूरी फीस वसूली पर रोक क्यों नहीं लग रही है। इसके लिए शासन क्या उपाय कर रहा है।
हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में राधिका अग्रवाल व अन्य ने रिट अपील दायर की है। वकील मलय श्रीवास्तव, पवन केसरवानी के माध्यम से दायर रिट में बताया कि सिंगल बेंच के आदेश का निजी स्कूल पालन नहीं कर रहे हैं। सिंगल बेंच ने आदेश दिया था कि निजी स्कूल सिर्फ ट्यूशन फीस ले अन्य कोई फीस नहीं। साथ ही जो अभिभावक आर्थिक कारणों से फीस जमा कर पाएं, आवेदन लेकर उनको फीस में छूट दी जाए, लेकिन इस आदेश की आड़ में अधिकतर स्कूल पिछले साल की तरह ही पूरा फीस पैकेज ले रहे हैं। इसमें रीएडमिशन, मेंटेनेंस, लैब, लाइब्रेरी आदि के नाम पर ली जाने वाली थी शामिल है।
याचिका में बताया गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी ने 3 सितंबर को आदेश दिया था कि किसी भी बच्चे को ऑनलाइन क्लास से नहीं निकालना है, लेकिन उसके बाद भी कई बच्चों को निकाल दिया गया। कुछ पेरेंट्स ने डीईओ से इसकी शिकायत करते हुए आवेदन दिया पर किसी स्कूल पर कार्यवाही नहीं हुई। याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने बताया कि d.e.o. के माध्यम से निजी स्कूल अपना ब्यावरा राज्य शासन को जमा करते हैं। d.e.o. सभी स्कूलों की ट्यूशन ठीक निर्धारित कर मनमानी फीस लेने पर अंकुश लगा सकते हैं।


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