नई दिल्ली। भारतीयों में आपदा को अवसर में बदलने की महारत हासिल है। चाहे जैसी भी आपदा हो, लोग उसे अपने मुनाफे वाले अवसर में बदल ही लेते हैंl
अभी हाल ही में एक सर्वे से पता चला था कि दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में बिकने वाले 50 फीसदी सैनिटाइजर नकली हैं या फिर उनसे सेहत को खतरा है। वहीं ऑक्सीमीटर को लेकर भी यही हालत है। दुकानों पर नकली ऑक्सीमीटर की भरमार लगी है। इसी बीच सरकार ने ऑक्सीमीटर मोबाइल एप को लेकर लोगों को अलर्ट किया है।साइबर हैकर फर्जी मोबाइल एप से लोगों को ठग रहे हैं।
केंद्र सरकार की साइबर यूनिट साइबरदोस्त ने ट्वीट करके एडवाइजरी जारी की है जिसमें कहा गया है कि यूजर्स को अज्ञात यूआरएल से ऑक्सीमीटर एप डाउनलोड नहीं करना चाहिए।ऐसे एप्स जो कि यूजर्स में ऑक्सीजन लेवल की जांच का दावा करते हैं, वे नकली हो सकते हैं। इनसे पर्सनल डाटा, बायोमेट्रिक जानकारी चोरी हो सकती है।
सरकार ने अपने साइबर जागरूकता ट्विटर हैंडल साइबर दोस्त पर जानकारी दी है कि इंटरनेट पर कुछ URL लिंक आपके ऑक्सीजन स्तर की जांच करने के लिए नकली मोबाइल ऑक्सीमीटर एप उपलब्ध हैं। ऐसे एप फर्जी हो सकते हैं।
अपने मोबाइल पर इस तरह के फर्जी ऑक्सीमीटर एप डाउनलोड न करें, क्योंकि ये एप आपके मोबाइल फोन से आपके व्यक्तिगत या बायोमेट्रिक डेटा को चुरा सकते हैं।
स्वास्थ्य संस्थाओं की ओर से बार-बार कहा जा रहा है कि यदि किसी के बल्ड में ऑक्सीजन की कमी हो रही है तो उसे अधिक सावधान रहने की जरूरत है। ऐसे में ऑक्सीमीटर की मांग बढ़ गई है। बाजार में अब 500 रुपये में भी ऑक्सीमीटर आसानी से मिल जा रहे हैं। ![]()


No comments:
Post a Comment