Wednesday, September 23, 2020

रायपुर। कोरोना संक्रमित से इंजेक्शन लगाने के बाद वसूले 10 हज़ार रुपये, FIR दर्ज

 रायपुर –  राजधानी रायपुर से एक खबर आई है जहाँ अंबेडकर अस्पताल की नर्स और उसके सहयोगी ने एक कोरोना संक्रमित से इंजेक्शन लगाने के बाद 10  हज़ार की वसूली का प्रयास किया है । 


छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच अब ठगी का रैकेट भी शुरू हो गया है। कोरोना के इलाज और दवाई के नाम पर मरीजों को झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूली जा रही है। रायपुर में एक महिला मरीज को होम आइसोलेशन में ठीक करने का झांसा देकर इंजेक्शन लगा दिया। पुलिस ने अंबेडकर अस्पताल की नर्स और उसके सहयोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

जानकारी के मुताबिक, सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की एक महिला की रिपोर्ट कुछ दिन पहले कोरोना पॉजिटिव आई थी। इसके बाद से वह होम आइसोलेशन पर थीं। इस दौरान उनके पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने उनसे पूछा कि क्या वे घर में ही रहकर इलाज कराना चाहती हैं। उनकी टीम घर आकर इलाज करती है।


इलाज का 3 हजार खर्च बताया, संक्रमण की दवाई दी

संक्रमित महिला का परिवार कोरोना के नाम पर पहले से ही डरा हुआ था। ऐसे में वे इलाज के लिए तैयार हो गए। इस पर अंबेडकर अस्पताल की नर्स दीपा दास इलाज के लिए अपने सहयोगी राकेश चंद्र सिंह के साथ पहुंची। उन्होंने 3 हजार रुपए इलाज का खर्च बताया। स्वास्थ्य विभाग कोरोना के मरीज को जो दवाई दे रहा हैं, दोनों ने उन्हें भी वही दवाई दी।

कोरोना का इलाज बताकर दो इंजेक्शन भी लगाए

दीपा ने महिला को दो इंजेक्शन लगाए। महिला ठीक हो गई तो सोमवार को राकेश उसके घर पहुंचा और 10 हजार रुपए मांगने लगा। कहा कि कोरोना का इंजेक्शन लगाया गया है, जो बहुत महंगा है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ ठगी का केस दर्ज कर लिया है। पता लगाया जा रहा है कि वह इंजेक्शन कौन सा है।

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