RBI ने क्रेडिट और डेबिट कार्ड को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है। रिजर्व बैंक द्वारा किए जाने वाले ये बदलाव 30 सितंबर से लागू होंगे। डेबिट और क्रेडिट कार्ड के लिए यह नया नियम 16 मार्च से लागू होना था, लेकिन कोरोना के चलते इन नियमों को टाल दिया गया। अब इसकी डेडलाइन 30 सितंबर तय कर दी गई है। अगर आप डेबिट और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते है तो आने वाली परेशानी से बचने के लिए इन बदलावों के बारे में जानना जरूरी है।।
अब आपको इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन, डोमेस्टिक ट्रांजेक्शन, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, कॉन्टैक्टलेस कार्ड से ट्रांजैक्शन के लिए आपको अपनी प्रायोरिटी (प्राथमिकता) दर्ज करनी होगी। यानी आपको जो सर्विस चाहिए, उसके लिए आपको अप्लाई करना होगा। ये सेवाएं डिफ़ॉल्ट रूप से उपलब्ध नहीं होंगी। आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि, डेबिट और क्रेडिट कार्ड जारी करते वक्त अब ग्राहकों को घरेलू ट्रांजैक्शन की अनुमति देनी चाहिए। यानी अगर जरूरत नहीं है तो ATM से पैसे निकालते और POS टर्मिनल पर शॉपिंग के लिए विदेशी ट्रांजैक्शन की मंजूरी नहीं दी जाए।
यदि किसी व्यक्ति ने ऑनलाइन लेनदेन, अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन और संपर्क रहित लेनदेन के लिए अपने कार्ड का उपयोग नहीं किया है, तो बैंक के पास अपने कार्ड को निष्क्रिय करने का विकल्प होगा। यानी ग्राहकों को कौन सी सर्विस एक्टीवेट करनी है और कौन सी सर्विस डीएक्टिवेट करनी है इसका फैसला खुद करें। बैंकों को वर्तमान कार्डों को निष्क्रिय करने और जोखिम की धारणा के आधार पर उन्हें फिर से जारी करने का अधिकार होगा। कार्डधारकों के पास अपने कार्ड या किसी विशेष सुविधा जैसे एटीएम लेनदेन, डेबिट या क्रेडिट कार्ड में उपलब्ध ऑनलाइन लेनदेन को बंद करने और स्विच करने का विकल्प होगा।



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